हिमाचल प्रदेश की नदियाँ एवं पुल - DIGITAL CLASSES BY MR BLOTRA

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Monday, 22 June 2020

हिमाचल प्रदेश की नदियाँ एवं पुल




नदियाँ एवं पुल 



हिमाचल प्रदेश की नदियाँ एवं पुल






(i) अपवाह(Drainage)- 


एक नदी परिक्षेत्र में जितनी भी जल धाराएँ आकर मिलती हैं तथा जल का बहाव मुख्य नदी की ओर होता है, उस सारे प्रदेश को उस नदी का अपवाह क्षेत्र, बेसिन या परिक्षेत्र कहते हैं| हिमाचल प्रदेश की कुल नदियों के जल अधिग्रहण क्षेत्र का सर्वाधिक भू-भाग सतलुज नदी (30.69%) तथा न्यूनतम यमुना नदी के अधीन है| व्यास (24.50%), चिनाब (14.2%) एवं रावी (9.9%) का स्थान क्रमशः दूसरा, तीसरा, और चौथा है|







(ii) दो नदी तंत्र (क्रम)- 


हिमाचल प्रदेश की प्रमुख नदियाँ तथा  उनकी सहायक नदियाँ सिंधु नदी तंत्र एवं गंगा नदी तंत्र का हिस्सा है| हिमाचल प्रदेश की सतलुज, व्यास, रावी और चिनाब नदियाँ सिंधु नदी तंत्र का अभिन्न भाग हैं| जबकि टोंस, पब्बर, गिरी, बाटा, यमुना गंगा नदी तंत्र का अभिन्न भाग हैं|







(iii) हिमाचल प्रदेश की 5 प्रमुख नदियाँ- 


हिमाचल प्रदेश मुख्यतः 5 नदियों का प्रदेश है| ये नदियाँ हैं- सतलुज, चिनाब, रावी, व्यास, यमुना|



(1) प्राचीन नाम-


सतलुज- वैदिक (सुतुद्री), संस्कृत वाङ्मय-शतद्रु;

व्यास- वैदिक-अरजकिया, संस्कृत वाङ्मय-विपाशा;

रावी- वैदिक-पुरुशानी, संस्कृत वाङ्मय-ईरावती;

चिनाब- वैदिक-असीकनी;

यमुना-कालिंदी|







(2) जल ग्रहण क्षेत्र- 


सतलुज- 20000 वर्ग किमी.

रावी- 5451 वर्ग किमी. 

चिनाब- 7500 वर्ग किमी.

व्यास- 12000 वर्ग किमी.

यमुना- 2320 वर्ग किमी.







(3) सहायक नदियाँ- 


सतलुज- बस्पा, स्पीति नदी

रावी- भांदल,  ततंगरी, छतराणी, स्यूल, साल, बुढील,बलजेड़ी, चिरचिंड

चिनाब- चंद्रा भागा नदी

व्यास-  बनेर, बानगंगा, लूनी,  पार्वती, सैंज, तीरथन, हारला, उहल

यमुना- गिरी, टोंस, पब्बर, आंध्रा|







(4) उद्गम स्थान-


सतलुज- मानसरोवर झील (रकस झील), तिब्बत से (बाणासुर मानसरोवर से सतलुज को हिमाचल प्रदेश में लाया था)

चिनाब- चंद्रा व भागा नदियों के संगम स्थान टांडी (लाहौल-स्पीति) से बारालाचा दर्रे के समीप

व्यास- रोहतांग दर्रे (भृगु तुंग)

रावी- बड़ा बंगाल (काँगड़ा)

यमुना- कालिंद पर्वत (यमुनोत्री)







(5) लम्बाई-


सतलुज- कुल लम्बाई 1448 किमी., हिमाचल प्रदेश में प्रवाह क्षेत्र-320 किमी.

यमुना- कुल लम्बाई 1525 किमी., यमुना का हिमाचल प्रदेश में सबसे कम प्रवाह है इन 5 नदियों में|

चिनाब- कुल लम्बाई 1200 किमी. हिमाचल प्रदेश में प्रवाह क्षेत्र-122 किमी.

रावी- कुल लम्बाई 720 किमी. हिमाचल प्रदेश में प्रवाह क्षेत्र-158 किमी.

व्यास- कुल लम्बाई 460 किमी. हिमाचल प्रदेश में प्रवाह क्षेत्र-256 किमी.







(6) नदियों के किनारों पर बसे शहर-


सतलुज-  नामगियाँ, कल्पा, रामपुर, ततापानी, बिलासपुर

यमुना- पौंटा साहिब

व्यास-  मनाली, मण्डी, कुल्लू, पंडोह, नदौन, सुजानपुर, देहरा गोपीपुर

रावी- चम्बा, भरमौर

चिनाब- टांडी







(7) प्रवेश स्थान-


रावी-  रावी नदी चम्बा के खैरी स्थान से हिमाचल प्रदेश से हिमाचल प्रदेश से निकलकर जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करती है|

यमुना-  यमुना खोदरी मांजरी से हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करती है और ताजेवाला में हिमाचल प्रदेश से निकल कर हरियाणा में चली जाती है|

सतलुज-  सतलुज- सतलुज शिपकी दर्रे (किन्नौर) से हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करती है और भाखड़ा गाँव से पंजाब में प्रवेश करती हैं बस्पा नदी कल्पा में सतलुज में मिलती हैं सतलुज किन्नौर को छोड़ शिमला जिले में 'छोहरा' में प्रवेश करती है| स्पीति नदी सतलुज में 'नामगिया' (खाब), (किन्नौर) में मिलती है|

चिनाब-  चिनाब नदी चम्बा में भजींद से प्रवेश कर संसारी नाले से चम्बा को छोड़ कश्मीर में प्रवेश करती है|

व्यास-  व्यास बजौरा से मण्डी में तथा संधोल से काँगड़ा में प्रवेश करती है|







(v) हिमाचल प्रदेश की नदियों पर स्थित प्रसिध्द पुल-







  • कंदरौर पुल (बिलासपुर)- NH88 पर सतलुज नदी के ऊपर स्थित यह पुल एशिया का सबसे ऊँचा पुल है|

  • गंभर पुल- सतलुज नदी पर बिलासपुर जिले में स्थित है|

  • ततापानी पुल- सतलुज नदी पर शिमला-करसोग सड़क पर स्थित है|

  • सलापड़ पुल- मण्डी बिलासपुर सीमा पर सतलुज नदी पर स्थित है|

  • सतलुज नदी पर लूहरी पुल (शिमला-कुल्लू सीमा पर) और बंगतु पुल (किन्नौर) स्थित है|

  • राख पुल चम्बा- भरमौर सड़क पर रावी नदी पर स्थित है|

  • खड़ामुख पुल- यह चम्बा- भरमौर सड़क पर रावी नदी पर स्थित है|

  • सतौन पुल- सिरमौर जिले के पावंटा-शिलाई मार्ग पर गिरी नदी पर स्थित है|

  • स्वान नदी पर झलेड़ा पुल (ऊना जिला) और संतोषगढ़ पुल स्थित है|


व्यास नदी पर पंडोह पुल (मण्डी), मण्डी पुल, नादौन पुल, देहरा गोपीपुर पुल स्थित है|




हिमाचल प्रदेश की नदियाँ एवं पुल से संम्बन्धित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर 



  • उन दो टनलों की लम्बाई लगभग कितनी है जिसने पण्डोह से व्यास नदी का पानी सलापड़ तक सतलुज में ले जाया गया है...13.16 किमी

  • पौंग बाँध किस नदी पर है...व्यास(1975) 

  • उहल किसकी सहायक नदी है...व्यास नदी 

  • सतलुज नदी किस स्थान पर तिब्बत से हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करती है...शिपकी

  • रणजीत सागर बाँध किस नदी के किनारे स्थित है...रावी

  • चंदरभागा नदी जिसे चिनाब भी कहते हैं, वह चम्बा में कहाँ प्रवेश करती है...भुजींद से

  • मणिकरण मंदिर किस नदी के किनारे स्थित है...पार्वती नदी

  • मंडी शहर किस नदी के किनारे स्थित है...व्यास

  • कुल्लू किस नदी के किनारे स्थित है...व्यास

  • किस स्थान पर व्यास नदी का पानी सुरंग द्वारा सतलुज में मिलाया जाता है - पण्डोह(मंडी)

  • त्रिगर्त रियासत का क्षेत्र कौन सी दो नदियों के बीच स्थित था - रावी और सतलुज

  • चन्दर और भागा किसकी सहायक नदियां है - चिनाब

  • भाखड़ा नांगल परियोजना कौन सी नदी पर बनाई गयी है...सतलुज

  • घग्गर नदी सिरमौर जिले में किस स्थान से निकलती है...लवासा(धारटीघाट), पच्छाद

  • तांगनु रोमाइ जलधारा किस नदी की सहायक है...पब्बर(यमुना)

  • कुल्लू जिले की मुख्य नदियाँ हैं...व्यास, पार्वती, दूधोन

  • कौन सी दो सहायक नदियाँ लाहौल जिले में टुंडी नामक स्थान पर मिलकर चिनाब नदी का सृजन करती हैं... चन्दर और भागा नदियाँ

  • "खारा का खाला" किसका सहायक खड्ड है...बाटा नदी का

  • हासीपत्तन पुल किस नदी पर स्थित है(काँगड़ा में)...व्यास नदी पर

  • काँगड़ा जिले में निम्न में से(हसा/तीरथन/न्यूगल/बाथर) कौन सी सहायक नदी मिलती है...न्युगल

  • सतलुज की सहायक नदी (बाटा/अशनी/नोगली/हारला) है...नोगली

  • स्पीति, रोपा और गंभर किसकी सहायक नदियाँ हैं...सतलुज

  • 'Asni' किसकी सहायक खड्ड है...गिरी नदी

  • "बिनवा" किसकी सहायक नदी है...व्यास की

  • पौंटा साहिब किस नदी के किनारे स्थित है...यमुना

  • निम्नलिखित में से (सतलुज/रावी/यमुना/व्यास) कौन सी नदी सिरमौर जिले में बहती है...यमुना

  • रामपुर, बिलासपुर, भाखड़ा किस नदी के किनारे स्थित है...सतलुज

  • बस्पा किसकी सहायक नदी है...सतलुज नदी

  • मणिकरण(कल्लू) किस नदी के किनारे स्थित है...पार्वती नदी

  • हि.प्र. को उत्तराखंड से अलग कौन सी नदी करती है...यमुना(टौंस)

  • कौन सी (पार्वती/भागा/सुकेती/बाणगंगा) व्यास की सहायक नदी नहीं है...भागा

  • लाहौर संधि के अनुसार सिखों ने सतलुज नदी के बायीं ओर के क्षेत्रों को किस वर्ष अंग्रेजों को सौंपा था...9 मार्च, 1846 ई

  • सतलुज नदी किस स्थान पर धौलाधार पर्वत श्रृंखला को काटती है...रामपुर बुशहर

  • हि.प्र. की कौन सी नदी को पार करने में सिकंदर असफल रहा था...व्यास नदी

  • बाणगंगा किसकी सहायक नदी है...व्यास नदी

  • सुकेती फॉसिल पार्क किस नदी के किनारे स्थित है...मार्कण्डेय(सिरमौर)-घग्गर नदी की सहायक नदी

  • सतलुज नदी,व्यास नदी और रावी नदी से घिरे क्षेत्र को प्राचीन समय में क्या कहते थे...त्रिगर्त

  • कौन सी नदी चम्बा घाटी को दो भागों में बांटती है...रावी नदी

  • टिम्बर ट्रेल (परवानु) के सामने वाली पहाड़ी को जाने वाला रज्जु मार्ग किस नदी पर बना है...रीना नदी

  • हिमाचल प्रदेश से बहती हुए चिनाब नदी किस अन्य राज्य में प्रवेश करती है...जम्मू और कश्मीर

  • व्यास नदी किस स्थान पर धौलाधार पर्वत श्रृंखला को काटती है...लारजी

  • हिमाचल प्रदेश में प्रवेश से पूर्व किस नदी का उदगम (मानसरोवर झील) तिब्बत सी होता है... सतलुज

  • वह कौन सी नदी है जिसका उदगम एक अन्य भारतीय राज्य (उत्तराखंड) में होता है और जो हिमाचल प्रदेश में बहने के बाद एक तीसरे भारतीय राज्य (हरियाणा) में चली जाती है...यमुना

  • बड़ा बंगाल से हिमाचल प्रदेश की किस नदी का उदगम होता है... रावी नदी

  • चार नदियाँ - चिनाब, रावी, झेलम तथा सतलुज में से कौन हिमाचल प्रदेश में से नहीं गुजरती है...झेलम

  • तीरथन जलधारा किस स्थान पर व्यास नदी में मिलती है...लारजी

  • तीरथन और बाथर जल धाराएँ किस नदी की सहायक हैं...व्यास नदी

  • केरांग और केशांग जल धाराएँ हिमाचल प्रदेश की किस जिले में हैं...किन्नौर

  • हिमाचल के सिरमौर जिले में जलाल नदी के किनारे कौन सी आबादी हैं...बागथन

  • कौन सी जलधारा स्पीति नदी की सहायक है...कब्जियां

  • कौन सी नदी ऊना जिले को दो लगभग समान हिस्सों में बांटती है...स्वां

  • शिमला जिले का एक गाँव चिड़गांव 1997 में किस नदी में बह गया था...आंध्रा

  • धानवी खड्ड किस नदी की सहायक है...सतलुज

  • स्वां खड्ड पर निम्नलिखित में से कौन सा पुल है...झलेड़ा

  • 'बुद्धिल' और 'वलजेड़ी' किसकी सहायक नदियाँ हैं...रावी

  • सतलुज नदी पर ज्यूरी पुल का निर्माण किस वर्ष किया गया था...1889 में 

  • भाखड़ा बाँध का निर्माण कार्य कब प्रारंभ हुआ...1948

  • निम्नलिखित में से कौन सा पुल व्यास नदी पर है...पंडोह

  • कौन सी नदी सिरमौर को जौनसार से अलग करती है..टौंस

  • मालाहट खड्ड, गरनी खड्ड, हुम् खड्ड, किस नदी की सहायक नदियाँ हैं...स्वां

  • भागा नदी का उदगम किस झील से होता है...सूरजताल

  • सतौन पुल किस नदी पर स्थित...गिरी

  • फोजल सरवरी और हंसा जल धाराएँ किस नदी की सहायक हैं...व्यास

  • कौन सी नदी सिरमौर को 2 लगभग बराबर भागों में बाँटती है...गिरी

  • कौन सी जलधारा स्पीति नदी की सहायक है...तेगपो

  • स्थानीय लोग हिमाचल प्रदेश की किस नदी को 'दुःख का दरिया' कहते हैं...स्वां

  • गज जलविधुत परियोजना किस नदी बेसिन पर स्थित है...व्यास

  • व्यास नदी किस जिले से होकर नहीं बहती है...बिलासपुर

  • रामपुर क़स्बा किस नदी के किनारे स्थित है...सतलुज

  • लिप्पा नामक स्थल किस नदी के किनारे स्थित है...तैती नदी

  • सतलुज और बस्पा नदियों का संगम कहाँ है...कड़छम

  • हिमाचल प्रदेश की कौन सी प्रमुख नदी से काँगड़ा और कुल्लू घाटियां निर्मित हुई हैं...व्यास

  • चिनाब नदी का उदगम स्थल है...बारालाचा दर्रा

  • एक लोकप्रिय मिथक के अनुसार यह स्थान जहाँ रूद्र अपनी आयुधशाला सी विधुत पृथ्वी पर प्रसारित करने के लिये प्रकट हुए थे, वह स्थान दो नदियों के संगम पर अवस्थित है| वे नदियाँ हैं...पार्वती और व्यास

  • जनविश्वास के अनुसार शतुद्र नदी को मानसरोवर झील सी हिमाचल प्रदेश में लाने का श्रेय किसे है...बाणासुर

  • 'बुद्धिल' धारा का उदगम होता है... मणिमहेश से

  • चम्बा पत्तन पुल जो बिना स्तम्भों के होने के कारण हिमाचल प्रदेश में अपनी किस्म का पहला पुल है, किस नदी पर बना है...व्यास

  • गिरी नदी किस चोटी से निकलती है...कुपर चोटी

  • डोडरा कवार किस नदी घाटी में स्थित है...टौंस

  • पौंटा साहिब गुरुद्वारा किस नदी के किनारे स्थित है...यमुना



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