घाटियाँ
काँगड़ा घाटी :- काँगड़ा घाटी को वीर-भूमि के नाम से भी जाना जाता है| ये शाहपुर से लेकर पालमपुर तक फैली है| धौलाधार पर्वत श्रृंखला काँगड़ा घाटी पर लगे मुकुट के समान है| घाटी का बीड स्थल हैंग-ग्लाइडिंग के लिए प्रसिद्ध है|
सांगला घाटी:- किन्नौर की सबसे सूंदर घाटी है| इस घाटी का सबसे ऊँचा गांव छितकुल है| कामरु इसका प्रमुख गांव है| इस घाटी को बस्पा घाटी के नाम से भी जाना जाता है|
बल्ह घाटी:- यह घाटी मंडी जिले के मैदानी भागों में स्थित है| यह हिमाचल प्रदेश में सबसे उपजाऊ घाटी है|1962 में भारत जर्मनी संयुक्त कृषि परियोजना से इस घाटी का अद्भुत आर्थिक विकास हुआ है| इसे सुंदरनगर घाटी भी कहते हैं|
चम्बा घाटी:- चम्बा घाटी को रावी घाटी के नाम से भी जाना जाता है| इस घाटी में मुख्यत: गददी जनजाति के लोग रहते हैं|खजियार, भरमौर, डलहौज़ी आदि इस घाटी के प्रमुख नगर हैं|
कुल्लू घाटी:- कुल्लू घाटी को देवघाटी के नाम से भी जाना जाता है| इस घाटी में देवदार और सेब के वृक्ष पाए जाते हैं|कुल्लू में रूपी घाटी चाँदी की खानों के लिए प्रसिद्ध है|
पौंटा घाटी:- यह घाटी कियारदा-दून घाटी के नाम से जानी जाती है|यमुना नदी पौंटा घाटी को देहरादून घाटी से अलग करती है|गिरी और बाटा इस घाटी की प्रमुख नदियां हैं| माजरा, धौलाकुआं, इस घाटी के अंतर्गत आने वाले कस्बे हैं|
लाहौल-स्पीति - यह घाटी हिमाचल प्रदेश के उच्चतम क्षेत्र में स्थित है| इस घाटी की समुंद्रतल से ऊंचाई 3000मी से 6500मी तक है| इस घाटी में अल्पाइन वृक्ष पाए जाते हैं| यहाँ मुख़्यत: आलू की खेती की जाती है|चंद्र व् भागा इसकी प्रमुख नदियाँ हैं|भागा घाटी को रंगोली घाटी भी कहते हैं|
पब्बर घाटी:- इस घाटी को रोहरु घाटी के नाम से भी जाना जाता है|इसका उदगम स्थल चांसल चोटी है|
सतलुज घाटी:- यह घाटी किन्नौर के शिपकी से बिलासपुर जिले तक फ़ैली हुई है|
सरसा घाटी:- सोलन जिले में स्थित इस घाटी को औद्योगिक घाटी भी कहा जाता है|
चौतरा घाटी:- मंडी जिले के जोगिन्दर नगर में यह घाटी स्थित है|
जस्वान-दून घाटी:-ऊना जिले में स्थित इस घाटी को स्वां घाटी भी कहते हैं|
अशवनी घाटी:- इस घाटी के बाएं और क्योंथलि और दाएं और बघाटी बोली बोली जाती है| इस घाटी के प्रमुख शहर हैं:-शिमला, चायल, कंडाघाट, सोलन तथा धर्मपुर|
स्प्रून घाटी :- यह सोलन जिले में स्थित है|
दावी घाटी:- यह बिलासपुर जिले में स्थित है|
कुनिहार घाटी:-सोलन जिले में स्थित यह घाटी 'कुणी खड्ड' से शुरू होकर 'तकूरदिया' तक फ़ैली है|
गंभर घाटी:- यह सोलन जिले को दो भागों में बांटती है| गंभर नदी के किनारे स्थित यह घाटी 'शडी' नामक स्थान से सोलन जिले में प्रवेश करती है| सोलन जिले के बाद बिलासपुर में प्रवेश करती है| गंभर घाटी में स्थित 'अर्की' बाघल रियासत की राजधानी थी|
इमला-विमला घाटी:- मंडी जिले के शिकारिधारी से परलोग के बीच इमला विमला घाटी स्थित है| करसोग इस घाटी में स्थित है| करसोग इस घाटी में स्थित है|
चुराहघाटी:- चम्बा जिले में बैरा और स्यूल नदियाँ इस घाटी का निर्माण करती है| तिस्सा और सलूणी इस घाटी में स्थित हैं|
गारा घाटी:-गारा घाटी को चंद्रा घाटी भी कहते हैं| यह लाहौल में स्थित है|
चौहार घाटी:- मंडी जिले के उत्तर पूर्व में उहल नदी द्वारा चौहार घाटी का निर्माण किया गया है|
हिमाचल प्रदेश की घाटियाँ से संम्बन्धित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर
- हिमाचल प्रदेश की किस घाटी को 'दूध व् शहद' की घाटी कहते हैं:- चम्बा
- आलू की घाटी किसे कहते हैं- लाहौल को
- मंतलाई झील किस घाटी में है:- मनिकरण
- हि.प्र. के सिरमौर जिले की ‘कियारदा-दून घाटी’ को कौन सी नदी सींचती है...गिरी और बाटा
- सनावर, डगशाई और कसौली कस्बे किस घाटी में स्थित है...सरसा
- हिमाचल प्रदेश के मंडी और कुल्लू जिलों को कौन सी घाटी जोड़ती है...दुलची
- लोसर गांव की किन दो घाटियों के बीच कुंजुम देवी का मंदिर स्थित है...स्पीति और लाहौल
- मुलगन घाटी हिमाचल प्रदेश के किस जिले में है...किनौर
- पत्तन घाटी कौन से जिले में है...लाहौल स्पीति
- काँगड़ा और कुल्लू घाटियाँ किस बड़ी नदी द्वारा निर्मित हुई है...व्यास
- बंदर घाटी कहाँ स्थित है...चम्बा में
- 'कामरु' गांव किस घाटी में स्थित है...सांगला
- यूल घाटी किस जिले में है...किनौर
- 'रूपीन' घाटी किस जिले में स्थित है...किनौर
- दून और स्प्रून घाटी कौन से जिले में स्थित है...सोलन
- पांगी घाटी कितनी ऊंचाई पर अवस्थित है...14528 फ़ीट
- हाँगराँग घाटी किस जिले में है ...किनौर
- कुनिहार घाटी कहाँ से शुरू होती है...कुंनी खड्ड
- खिब्बर(किब्बर) गांव किस घाटी में स्थित है...काज़ा
- धौलाधार और पीर-पंजाल के मध्य कौन सी घाटी स्थित है...बड़ा बंगाल घाटी


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