हिमाचल प्रदेश के ग्लेशियर - DIGITAL CLASSES BY MR BLOTRA

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Thursday, 25 June 2020

हिमाचल प्रदेश के ग्लेशियर



“ग्लेशियर”



हिमाचल प्रदेश के ग्लेशियर




हि.प्र.में ग्लेशियर को स्थानीय भाषा में 'शिगड़ी' कहते हैं| ग्लेशियर को हिमनद के नाम से भी जाना जाता है|ग्लेशियर नदियों को पानी देते हैं व् नदियों के उदगम का प्रमुख स्त्रोत हैं|


चंद्रा घाटी के ग्लेशियर (लाहौल-स्पीति):-





  • बड़ा शिगड़ी - यह हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा ग्लेशियर है| इस ग्लेशियर की लम्बाई 25किमी है और इस ग्लेशियर से चंदरताल झील बनी है|

  • गेफांग - लाहौल के देवता गेफांग के नाम पर इसका नाम पड़ा है|गेफांग पर्वत चोटी को 'लाहौल का मणिमहेश’ भी कहा जाता है| इसकी आकृति स्विट्ज़रलैंड के 'मैटर हॉर्न' के जैसी है|

  • चन्द्रा- यह ग्लेशियर चन्द्रा नदी एवं चंदरताल झील की उत्पत्ति का स्त्रोत है| यहाँ कोकसर के रास्ते पहुँचा जा सकता है|

  • कुल्टी- कोकसर के पास स्थित यह ग्लेशियर रोहतांग पार करने पर दिखता है|




इसके अलावा:- 




  • छोटा शिगड़ी 

  • पाचा 

  • शिप्टिंग

  • शामुद्री 

  • बोलूनाग 

  • तापन 

  • दिंगकर्मो

  • शिल्ली 





भागा घाटी के ग्लेशियर(लाहौल-स्पीति):-





  • भागा हिमनद- इस ग्लेशियर तक 'कोकसर एवं ताण्डी' के रास्ते पहुंचा जा सकता है|

  • लेडी ऑफ़ केलांग हिमनद- 6061मीटर की ऊँचाई पर स्थित इस ग्लेशियर को केलांग से देखा जा सकता है| इसका नामकरण अंग्रेज महिला 'लेडी एलशेनडे' द्वारा किया गया था बर्फ पिघलने पर इसकी आकृति महिला जैसी दिखती है|

  • मुक्कीला-  6478मीटर की ऊँचाई पर भागा घाटी में यह ग्लेशियर स्थित है|


इसके अलावा:- 


  • मिलांग

  • गेंगसतांग





पत्तन घाटी के ग्लेशियर(लाहौल):-





  • सोनापानी

  • पेराद- यहाँ पुतिरुनि से पहुँचा जा सकता है| पेराद का स्थानीय नाम में अर्थ 'टूटी हुई चट्टान' है| यहाँ एक सुन्दर गुफा है|




इसके अलावा:-




  • मियार 

  • शिल्पा

  • कुक्टी

  • नीलकंठ 

  • लेंगर धोक्सा





कुल्लू जिले के ग्लेशियर:-





  • दूधोन- इसकी लम्बाई 15कि.मी. है|

  • पार्वती- इसकी लम्बाई 15कि.मी. है|

  • व्यास कुंड- यह रोहतांग दर्रे के समीप है|





भडडल ग्लेशियर- 


यह ग्लेशियर काँगड़ा के बड़ा भंगाल क्षेत्र में पीर पंजाल पर्वत श्रेणियों की ढालों पर स्थित है| यह रावी नदी का सहायक है|


चन्दरनाहन ग्लेशियर- 


यह ग्लेशियर शिमला जिले के रोहरु के चांसल चोटी पर स्थित है जिससे पब्बर नदी को जल मिलता है|


गारा ग्लेशियर-  



किन्नौर जिले में स्थित यह ग्लेशियर गारा खड्ड (सतलुज की सहायक खड्ड) को पानी प्रदान करता है|






हिमाचल प्रदेश के ग्लेशियर से संम्बन्धित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर 





  • यह ग्लेशियर किन्नौर जिले में स्थित है| 

  • शाशिन और थांग गोम्पा हिमनद किस नदी को जल प्रदान करते हैं...चन्द्रा नदी 

  • भादल हिमनद हि.प्र. के किस जिले में है...काँगड़ा

  • हि.प्र. में ग्लेशियर से बनी झीलें कितनी हैं...249

  • 1962 से 2001 के बीच ग्लेशियर क्षेत्र में कितनी कमी आई है...1628 वर्ग कि.मी.

  • विश्व के दूसरे सबसे बड़े ग्लेशियर का क्या नाम है...बड़ा शिगड़ी 

  • समुंद्रतल से मुक्कीला ग्लेशियर की ऊँचाई कितनी है...6478 मीटर



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