हिमाचल प्रदेश के इतिहास के स्त्रोत - DIGITAL CLASSES BY MR BLOTRA

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Wednesday, 22 April 2020

हिमाचल प्रदेश के इतिहास के स्त्रोत





  • अष्टाध्यायी (अष्टाध्यायी = आठ अध्यायों वाली) महर्षि पाणिनि द्वारा रचित संस्कृत व्याकरण का एक प्राचीन ग्रंथ है| 

  • राजतरंगिणी, कल्हण द्वारा रचित एक संस्कृत ग्रन्थ है। 'राजतरंगिणी' का शाब्दिक अर्थ है - राजाओं की नदी, जिसका भावार्थ है - 'राजाओं का इतिहास या समय-प्रवाह'| 

  • 'तारीखे फ़ोरोज़शाही' और "तारीख ए फरिश्ता" में नगरकोट किले  पर फिरोजशाह तुगलक के हमले का प्रमाण मिलता है|           

  • औदुम्बरों के सिक्कों पर त्रिशूल और बैल के चित्र मिले हैं|

  • ताबो गांव(लाहौल एवं स्पीति) से वर्षों पुरानी ममी 1967 में  प्राप्त हुई|

  • पहाड़ी राज्यों की वंशावली की तरफ सबसे  पहले ध्यान आकर्षित करने वाले विद्वान विलियम मूरक्राफ्ट थे|

  • किस रियासत के पास 150 से अधिक ताम्र पत्र स्वत्व संलेख हैं......चम्बा|

  • एक ताम्रपत्र के अनुसार विक्रमी संवत 1717 चम्बा शहर, शक संवत के अनुसार किस वर्ष में पड़ेगा......1582|

  • चकली ताम्बे के सिक्के जो 10वीं शताब्दी के आसपास मौजूद थे  किस क्षेत्र से सम्बन्धित थे....HP

  • सोहन घाटी जो 40 हजार वर्ष पूर्व पुराने  औजारों की खुदाई के लिए कभी प्रसिद्ध हुई थी अब कहाँ स्थित है......पाकिस्तान में|

  • कुलिंदों के सिक्कों पर किसकी आकृति पायी गयी है...... त्रिशूल के साथ शिव|

  • काँगड़ा  के पठियार और कनिहारा के प्राचीन चट्टानी  शिलालेख किस लिपि में हैं......ब्राह्मी और खरोष्टी|





हिमाचल प्रदेश के इतिहास के स्त्रोत
हिमाचल प्रदेश के इतिहास के स्त्रोत



         












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